सोनहा पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप, डीआईजी से मिले नेताओं ने किया निष्पक्ष जांच की मांग

सोनहा पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप, डीआईजी से मिले कांग्रेस नेता

सपा विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी और कांग्रेस जिला अध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने जताया आक्रोश, स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग

बस्ती। सोनहा थाना क्षेत्र में 27 अगस्त 2025 को हुए हाफ एनकाउंटर मामले ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। सपा विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी और जिला अध्यक्ष कांग्रेस विश्वनाथ चौधरी ने पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) बस्ती से मुलाकात कर घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

ग्रामीणों का आरोप – थाने से उठाया, फिर एनकाउंटर दिखाया

ग्रामीणों का कहना है कि मंदबुद्धि युवक जल्लू उर्फ जलालुद्दीन को उन्होंने रात 12 बजे तक थाने में पुलिस कस्टडी में देखा था। उसके बाद अचानक खबर आई कि रात 2 बजे शिवाघाट में पुलिस और जलालुद्दीन के बीच मुठभेड़ हुई। ग्रामीणों का सवाल है कि थाने से युवक अचानक कैसे बाहर पहुंच गया और उसने पुलिस पर फायरिंग कैसे कर दी?

“मंदबुद्धि था जल्लू, 10 रुपये तक नहीं पहचानता था”

ग्रामीणों ने पुलिस के दावों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि जलालुद्दीन इतना मंदबुद्धि था कि अगर उसे 10 या 20 रुपये का नोट दिया जाए तो वह नहीं लेता, लेकिन ₹2 या ₹5 का चिल्लर खुशी-खुशी स्वीकार कर लेता था। यहां तक कि सिर्फ 5 रुपये देकर उससे पूरा दिन मजदूरी करवाई जा सकती थी। ऐसे में पुलिस का फायरिंग और भागने का आरोप पूरी तरह झूठा प्रतीत होता है।

विधायक-नेता का पत्र, निष्पक्ष जांच की मांग

घटना को लेकर सपा और कांग्रेस नेताओं ने पुलिस उपमहानिरीक्षक को पत्र लिखकर कहा कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई हो।

विश्वास पर चोट

ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना न केवल पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाती है बल्कि आम जनता के विश्वास को भी गहरा आघात पहुंचाती है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई और उच्चस्तरीय जांच पर टिकी हैं।

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