सात दशक बाद भी दस्तावेजों के पन्नों में सिमट कर रह गया गांधी जी के ग्राम स्वराज का सपना - तहक़ीकात समाचार

ब्रेकिंग न्यूज़

Post Top Ad

Responsive Ads Here

सोमवार, 14 दिसंबर 2020

सात दशक बाद भी दस्तावेजों के पन्नों में सिमट कर रह गया गांधी जी के ग्राम स्वराज का सपना

गांधी जी ने स्वराज भारत का सपना देखा था लेकिन इस देश के उदासीन नेता ,निरंकुश प्रशासन और लापरवाह जनप्रतिनिधियों के चलते आज स्वराज का उद्देश्य सरकारी दफ्तरों में रखे गए दस्तवेजों में सिमट कर रह गया है ।

 आज जहां देश में प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को महत्व देना चाहिए था,रोजगार के साधन उपलब्ध कराने के लिए इकाइयों को बढ़ावा देना चाहिए था, चिकित्सा के क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर सुधार करना चाहिए था तो वही प्राथमिकता को दरकिनार कर इस देश में बेबुनियाद मुद्दों पर काम किया गया।
 देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को विकसित बनाने के लिए कई सारे दावे किए लेकिन ना तो आदर्श ग्राम पंचायत का सपना साकार हो पाया और ना ही स्मार्ट सिटी की कोई छाया दिखाई पड़ रही है ऐसा दिखाई पड़ता है कि हमारी देश की सरकारों द्वारा हमारे देश के लोगों को केवल गुमराह करने का बार-बार षणयंत्र रचा जाता है जिसके चलते हमारा देश और हमारे देश के लोग वहीं के वहीं पर खड़े हुए हैं जहां वह 7 दशक पहले खड़े थे।

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

tahkikatsamachar

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages