बस्ती- लघु सिंचाई में भ्रष्टाचार के आरोप,अधिशासी अभियंता व उर्दू अनुवादक के खिलाफ शिकायत

सिंचाई विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप, अधिशासी अभियंता व उर्दू अनुवादक के खिलाफ शिकायत

सौरभ वीपी वर्मा
तहकीकात समाचार

बस्ती। जनपद के लघु सिंचाई विभाग में तैनात अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी बस्ती को एक लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अधिशासी अभियंता सुभाष चन्द्र द्वारा मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों में क्षेत्रीय कर्मचारियों पर दबाव बनाकर करीब 50 प्रतिशत तक कमीशन लिया जा रहा है। विरोध करने वाले कर्मचारियों को कथित तौर पर विभागीय कार्रवाई और नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है।

वहीं, उर्दू अनुवादक जमाल अहमद पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाकर फर्जी शिकायतों के जरिए कार्रवाई कराने की धमकी देते हैं, जिससे विभागीय माहौल प्रभावित हो रहा है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि सरकार के निर्देशों के बावजूद किसानों को सीधे सामग्री खरीदने के बजाय कुछ चुनिंदा फर्मों से ही खरीद के लिए बाध्य किया जा रहा है। आरोप है कि इन फर्मों के माध्यम से कमीशनखोरी की जा रही है और किसानों के खातों में भेजी जाने वाली धनराशि का बंदरबांट हो रहा है।

साक्ष्य के तौर पर शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्मों के खातों में विभाग द्वारा भेजी गई धनराशि के बाद नकद निकासी के प्रमाण मौजूद हैं। साथ ही यह भी आरोप है कि किसानों के खातों में सीधे अनुदान न भेजकर नियमों की अनदेखी की जा रही है।इसके अतिरिक्त, उर्दू अनुवादक जमाल अहमद पर बिना कार्य किए वेतन लेने और अधिशासी अभियंता के प्रभाव के चलते विभाग में बर्चस्व बनाए रखने के आरोप भी लगाए गए हैं।

यह शिकायत बलिया निवासी शैलेश कुमार द्वारा जिलाधिकारी बस्ती के साथ-साथ शासन स्तर के अधिकारियों को भेजी गई है। शिकायत में बस्ती के साथ संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर जिले में हुए कथित भ्रष्टाचार भी शामिल है।

शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।
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