एक्सप्रेसवे के निर्माण से यातायात में क्रांति , कम हुई दूरी, बढ़ाई रफ्तार
सौरभ वीपी वर्मा
संपादक-तहकीकात समाचार
उत्तर प्रदेश जैसे विशाल और घनी आबादी वाले राज्य में यातायात हमेशा एक बड़ी चुनौती रहा है। बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिक गतिविधियों और शहरीकरण के दबाव के बीच सड़कों पर जाम, दुर्घटनाएँ और समय की बर्बादी आम समस्या थी। लेकिन बीते एक दशक में एक्सप्रेसवे के निर्माण ने प्रदेश के यातायात ढांचे को एक नई दिशा दी है। आज एक्सप्रेसवे न केवल सफर को सुगम बना रहे हैं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास की रफ्तार भी बढ़ा रहे हैं।
एक्सप्रेसवे के निर्माण से सबसे बड़ा लाभ यह हुआ कि शहरों और जिलों के बीच की दूरी “कागज़ी किलोमीटर” भर रह गई है। पहले जिन यात्राओं में 6–8 घंटे लगते थे, वही अब 3–4 घंटे में पूरी हो रही हैं। उदाहरण के तौर पर, लखनऊ से आगरा, प्रयागराज से गोरखपुर या दिल्ली से मेरठ जैसे मार्गों पर एक्सप्रेसवे ने यात्रा समय को लगभग आधा कर दिया है। इससे न केवल यात्रियों का समय बचा है, बल्कि ईंधन की खपत और वाहन खर्च में भी कमी आई है।
एक्सप्रेसवे पर नियंत्रित प्रवेश, सर्विस लेन, डिवाइडर और आधुनिक साइन बोर्ड के कारण दुर्घटनाओं की संभावना सामान्य सड़कों की तुलना में कम हुई है। हाई-स्पीड के बावजूद ट्रैफिक अनुशासन बेहतर हुआ है। एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और आपातकालीन सेवाओं के लिए अलग लेन और सुविधाओं ने दुर्घटनाओं के बाद त्वरित सहायता को संभव बनाया है।
एक्सप्रेसवे केवल सड़कें नहीं हैं, बल्कि विकास के कॉरिडोर बन चुके हैं। इनके किनारे औद्योगिक क्षेत्र, लॉजिस्टिक हब, वेयरहाउस, होटल और पेट्रोल पंप विकसित हो रहे हैं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। कृषि उत्पादों को मंडियों और बड़े बाजारों तक तेजी से पहुँचाने में भी एक्सप्रेसवे अहम भूमिका निभा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में बने और निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे यह संकेत देते हैं कि राज्य भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी से प्रदेश राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश के लिए आकर्षक बन रहा है।
कुल मिलाकर, एक्सप्रेसवे ने उत्तर प्रदेश में यातायात की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने दूरी को कम किया, समय की बचत की और विकास के नए रास्ते खोले। यह कहा जा सकता है कि एक्सप्रेसवे केवल गंतव्य तक पहुँचने का साधन नहीं, बल्कि राज्य के समग्र विकास की मजबूत नींव बन चुके हैं।