गाज़ा में अमानवीय व्यवहार से पूरी दुनिया की मानवता शर्मसार

गाज़ा में अमानवीय व्यवहार से पूरी दुनिया की मानवता शर्मसार

सौरभ वीपी वर्मा

 गाज़ा पट्टी में लगातार जारी संघर्ष ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है। हवाई हमले और जमीनी कार्रवाई से अब तक हजारों नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। वहीं  अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार अब लाखों लोग भोजन, पानी और दवाइयों की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं।
अस्पतालों में हालात बद से बदतर हैं। दवाइयों और ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों का इलाज करना मुश्किल हो गया है। कई अस्पताल बमबारी में क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। वहीं, शरणार्थी कैंपों में विस्थापित लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।

संयुक्त राष्ट्र और कई मानवाधिकार संगठनों ने गाज़ा की स्थिति को “गंभीर मानवीय त्रासदी” करार दिया है। यह पूरी दुनिया के इंसानी जिंदगी जीने वाले लोगों को सोचने और समझने का विषय है कि एक तरफ दुनिया भर के शीर्ष नेता अलास्का जैसे शहर में वार्ता कर रहे हैं वहीं गाजा जैसे जगहों पर भूखे लोगों की तड़प दुनिया देख रही है ।

गाज़ा से मिल रही तस्वीरें और रिपोर्टें अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर रही हैं। बच्चों की लाशों से भरे अस्पताल, मलबे में दबे परिवार और बमबारी से उजड़े मोहल्ले इस बात का सबूत हैं कि यह केवल एक युद्ध नहीं, बल्कि मानवता के लिए गहरा संकट है।
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