बस्ती से ग्राउंड जीरो की रिपोर्ट -शौचालय निर्माण में महाघोटाला, सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ध्वस्त - तहक़ीकात समाचार

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गुरुवार, 15 अक्तूबर 2020

बस्ती से ग्राउंड जीरो की रिपोर्ट -शौचालय निर्माण में महाघोटाला, सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ध्वस्त

समीक्षात्मक रिपोर्ट
विश्वपति वर्मा(सौरभ)

बस्ती-पूरे देश के लोगों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए भारत सरकार ने एक बड़ी योजना चलाकर देश के प्रत्येक घर मे शौचालय बनवाने का लक्ष्य रखा था जो खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महत्वाकांक्षी योजना था लेकिन धरातल पर शौचालय निर्माण के नाम पर ओडीएफ के फर्जी दस्तावेज और घोटालों के अलावा कुछ दिखाई नही देता।

तहकीकात समाचार के समीक्षात्मक रिपोर्ट में जनपद के रामनगर ब्लॉक के परसाखुर्द बुजुर्ग उर्फ दरियापुर जंगल ग्राम पंचायत में बने शौचालय की स्थिति और स्वच्छ भारत मिशन के प्रगति का जायजा लिया गया तो हमारी पड़ताल में ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर एक बड़े भ्रष्टाचार किये जाने का मामला सामने आया है।
जिला मुख्यालय बस्ती से 37 किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र में बसने वाले दरियापुर जंगल मे 907 घरों में शौचालय बनवाने का लक्ष्य रखा गया था वहीं 863 लाभार्थियों को शौचालय का लाभ देकर स्वच्छ भारत मिशन के तहत 1 करोड़ 35 लाख 6 हजार रुपया खर्च किया गया जिसमें से 12000 रुपये का लाभ पाए कई दर्जन लोगों को शौचालय का लाभ नही मिल पाया वहीं ठेके पर बनवाये गए शौचालय में हुए बंदरबांट और प्रधान की लापरवाही की वजह से बनवाये गए शौचालय बनने के कुछ दिन बाद से ही भरभरा का गिरने लगा।

गांव की एक लाभार्थी सुषमा देवी ने बताया कि जब शौचालय बनवाने की जानकारी हुई तब हमने शौचालय बनवाने की इच्छा जाहिर की लेकिन ग्राम पंचायत द्वारा शौचालय का पैसा दिए जाने से मना कर दिया और ग्राम सचिव और प्रधान द्वारा पूरे गांव में शौचालय बनवाने के लिए तीसरे व्यक्ति को ठेका दे दिया गया और ठेकेदार शौचालय बनवाकर चला गया ,सुषमा ने बताया कि जब ठीकेदार शौचालय बनवा कर चला गया तो कुछ ही दिन बाद शौचालय गिर पड़ा और वह पूरी तरह से छतिग्रस्त हो गया ।
इसी गांव की निवासिनी रंभा देवी ने बताया कि ठीकेदार ने हमारे घर पर शौचालय का निर्माण करवाया लेकिन घटिया निर्माण के चलते महीने भर के बाद शौचालय के गड्ढे का ढक्कन टूट कर गिर गया और उससे जुड़ी पाइप भी टूट फूट गई जिससे शौचालय का सपना साकार नही हो पाया।
गांव की और लाभार्थी सावित्री देवी ने बताया कि जब शौचालय निर्माण हो रहा था तब हम लोग चाहते थे कि शौचालय कुछ अच्छा बन जाये लेकिन यहां पर किसी ने हम लोगों के बात की सुनवाई नही की और बालू की मात्रा ज्यादा कर शौचालय बना दिया गया जिसमें मजबूती बिल्कुल नही था जिसके चलते कुछ दिन बाद शौचालय का छत टूट कर गिर गया।
इसी गांव में एक और शौचालय दिखाई दिया जो अधूरा पड़ा था इस शौचालय के गड्ढे खोदे गए लेकिन शौचालय की सीट से गड्ढे तक न तो पाइप लगाया और न ही ढक्कन इस लिए यह शौचालय भी भ्रष्टाचार के दलदल में फंस कर रह गया।

ये सब तो मात्र एक उदाहरण है रामनगर ब्लॉक के इस बड़े ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण के नाम पर जितना भ्रष्टाचार हुआ है उसको बताते और दिखाते घड़ी का घंटा बदल जायेगा ग्राम पंचायत के अधिकांश घरों में बनवाये गए शौचालय के दरवाजे टूट कर गायब हो चुके हैं क्योंकि ठेके प्रथा पर बनवाये गए शौचालय के दरवाजे बहुत ही घटिया किस्म के लगाए गए थे।


इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी सरनीति कौर ब्रोका से हुई तो उन्होंने कहा कि मामला काफी गंभीर है इसकी जांच करवाकर दोषियों के ऊपर कड़ी कार्यवाई की जाएगी।

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