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सोमवार, 20 जुलाई 2020

इतिहास के पन्नों से- दुनिया के किसी देश में पहली बार महिला प्रधानमंत्री बनी थीं सिरीमावो भंडारनायके

विश्वपति वर्मा-

दुनिया की पहली महिला प्रधानमंत्री सिरीमा रतवते डायस भंडारनायके जिनको सिरीमावो भंडारनायके के नाम से जाना जाता है उनको आज ही के दिन 20 जुलाई 1960 में श्रीलंका के प्रधान मंत्री के रूप में चुना गया था.
 सिरीमावो ने कैथोलिक, अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में पढ़ाई की थी. सिरीमावो अंग्रेजी के साथ-साथ सिंहली भाषा बोलती थी. सिरीमावो ने श्रीलंका के रक्षा और विदेश मंत्री के रूप में भी कार्य किया था.उन्होंने बौद्ध धर्म को अपनाया था ।

सिरीमावो भंडारनायके 1941 में देश की सबसे बड़ी महिला स्वैच्छिक संस्था लंका महिला समिति में शामिल हुईं थीं. पहली महिला प्रधानमंत्री को सर्वसम्मति से श्रीलंका की स्वतंत्रता पार्टी की कार्यकारी समिति द्वारा पार्टी अध्यक्ष चुना गया. इस जिम्मेदारी पर उन्होंने श्रीलंका के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और लड़कियों के जीवन को बेहतर बनाने का काम किया.

साल 1975 में सिरीमावो भंडारनायके को श्रीलंका में महिला और बाल मामलों का मंत्री बनाया गया. सिरीमावो ने पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में एक वार्ताकार और गुटनिरपेक्ष राष्ट्रों के बीच एक नेता के रूप में विदेशों में एक बड़ी भूमिका निभाई. 1980 में अपने कार्यकाल के दौरान सत्ता के दुरुपयोग के लिए उनके नागरिक अधिकार छीन लिए गए. 10 अक्टूबर 2000 को कदावथा में दिल का दौरा पड़ने से सिरीमावो भंडारनायके की मृत्यु हो गई.

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