जनहित की आवाज बने राजेन्द्र प्रसाद चौधरी ,सदन में उठाई करोड़ो लोगों की आवाज

जनहित की आवाज बने राजेन्द्र प्रसाद चौधरी ,सदन में उठाई करोड़ो लोगों की आवाज

सदन में बस्ती ही नही बल्कि प्रदेश भर की समस्याओं को मजबूती से उठाकर बने सबसे सक्रिय विधायक

सौरभ वीपी वर्मा
तहकीकात समाचार

बस्ती। रुधौली विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी ने सदन के भीतर जनपद बस्ती की जमीनी समस्याओं और प्रदेश भर के संविदाकर्मियों , बेरोजगारों ,स्वास्थ्य ,शिक्षा समेत दर्जनों मुद्दों को जिस निरंतरता और तथ्यों के साथ उठाया है, उससे वे जनहित के मुद्दों पर सबसे सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में उभरे हैं। 
प्रश्नकाल, शून्यकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और विशेष उल्लेख के माध्यम से उन्होंने बस्ती व पूर्वांचल से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।

स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत और पंचायत विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों के मानदेय वृद्धि और समयबद्ध भुगतान का मुद्दा उन्होंने प्रमुखता से उठाया। साथ ही ईपीएफ और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में इन्हें लाने तथा लंबित वेतन के भुगतान की स्पष्ट समय-सीमा तय करने की मांग की।

गन्ना किसानों के बकाया भुगतान, समर्थन मूल्य पर खरीद की निगरानी और खाद-बीज की समय पर उपलब्धता को लेकर उन्होंने सरकार को घेरा। सिंचाई व्यवस्था, नलकूपों और नहरों की सफाई, विद्युत आपूर्ति की नियमितता तथा आवारा पशुओं से फसल नुकसान पर मुआवजे की मांग भी प्रमुख रही। फसल बीमा दावों के पारदर्शी निस्तारण पर भी उन्होंने जोर दिया।

स्थानीय युवाओं के लिए रिक्त सरकारी पदों को शीघ्र भरने, आईटीआई व पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने और स्वरोजगार योजनाओं में सरल ऋण सुविधा की मांग की। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा पेपर लीक पर कठोर कार्रवाई का प्रश्न भी सदन में उठाया।

जर्जर ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, पुल-पुलियों के निर्माण और सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ाने की मांग की गई। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तटबंधों की मजबूती और जल निकासी व्यवस्था सुधारने पर भी उन्होंने सरकार का ध्यान आकर्षित किया।

सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों व स्टाफ की कमी, आवश्यक दवाओं और जांच सुविधाओं की उपलब्धता का मुद्दा प्रमुखता से रखा। वहीं विद्यालयों में शिक्षक रिक्तियां, आधारभूत सुविधाएं और छात्रवृत्ति वितरण में देरी पर जवाबदेही तय करने की मांग की।

थानों और तहसीलों में प्रभावी जनसुनवाई, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और भूमि विवादों के त्वरित समाधान की मांग की गई। आवास योजना, पेंशन और राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी उन्होंने सवाल उठाए।

विधानसभा की कार्यवाही में विधायक चौधरी ने विभागीय आंकड़ों, बजट आवंटन और जमीनी रिपोर्टों का हवाला देकर सरकार से ठोस जवाब मांगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रश्नों और प्रस्तावों की संख्या तथा विषयों की विविधता के आधार पर सबसे सक्रिय विधायक के रूप में सामने आए हैं।
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