बस्ती-पुराने पंचायत भवन के मरम्मत के नाम पर खर्च कर दिया गया 15 लाख से ज्यादा धन

सौरभ वीपी वर्मा

बस्ती- सरकार द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर बड़े पैमाने पर पंचायत भवन का निर्माण करवाया गया ताकि ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे ग्राम विकास एवं ग्राम पंचायत से जुड़े कई प्रकार की योजनाओं का लाभ उनके गांव में सीधे तौर पर उन्हें मिल सके । कई ग्राम पंचायतों में इसके पहले की सरकार में पंचायत भवन का निर्माण करवाया गया था , जिन ग्राम पंचायत में पूर्व से पंचायत भवन का निर्माण हुआ था उस पंचायत भवन की मरम्मत के नाम पर वर्तमान में जमकर धांधली की गई है ।
जनपद की सल्टौआ विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत मझौआ खजुरी में स्थित पंचायत भवन के मरम्मत के नाम पर भारी भरकम धन खर्च करने का मामला सामने आया है , पंचायत भवन के मरम्मत के नाम पर जितना धन खर्च किया गया है उतने ही पैसे में नए पंचायत भवन का निर्माण ग्राम पंचायतों में हुआ है , ऐसे में पंचायत भवन मरम्मत के नाम पर खर्च किये गए धन की समीक्षा करने के बाद भ्रष्टाचार और बंदरबांट की बू साफ तौर पर नजर आ रही है ।

ग्राम पंचायत मझौआ खजूरी में पंचायत भवन मरम्मत के नाम पर 6 लाख 63 हजार 452 रुपया खर्च किया गया  ,उसके बाद पंचायत भवन में शौचालय निर्माण पर 2 लाख 78 हजार 71 रुपया खर्च किया पंचायत भवन में इंटरलॉकिंग पर 1 लाख 92 हजार 460 रुपया खर्च किया गया वहीं  2 लाख 6 हजार 103 रुपया बाउंड्री वॉल निर्माण पर खर्च किया गया । जबकि इसके अलावा पंचायत भवन में कंप्यूटर ,फर्नीचर सीसीटीवी , बैटरी आदि के नाम पर अतिरिक्त पैसे का भुगतान लिया गया । 

इसके अलावा ग्राम पंचायत में ओपन जिम एवं खेल निर्माण के नाम पर भी ग्राम निधि के खाते से जमकर धन वर्षा की गई है , ग्राम पंचायत खजुरी में बने ओपन जिम के शेड निर्माण के नाम पर करीब 3 लाख 89 हजार का भुगतान हुआ है लेकिन मौके पर ओपन जिम के परिसर में 5 से 6 टीन शेड का निर्माण हुआ है , इस  प्रकार से ओपन जिम के निर्माण , सुंदरी करण एवं अन्य सामग्री के नाम पर राज्य वित्त एवं मनरेगा से करीब 13 लाख रुपये का भुगतान किया गया है ।
                  ग्राम पंचायत में बना ओपन जिम 
अब सवाल इस बात का है कि ग्राम पंचायत के दो योजनाओं के नाम पर 27 लाख से ज्यादा रुपया खर्च कर दिया गया जबकि ग्राम पंचायत साफ सफाई ,पानी निकासी ,स्वच्छ पेय जल , प्रकाश की व्यवस्था , सड़क आदि के मामले में पूरी तरह से फिस्सडी है । 

इस सम्बंध में खंड विकास अधिकारी सुशील कुमार पाण्डेय से बात हुई तो उन्होंने कहा कि दोनों योजनाओं के नाम पर जो धन खर्च किया गया है इसके अभिलेख निकाले जा रहे हैं ,अभिलेख देखने के बाद इन योजनाओं पर खर्च किये गए धन की जांच की जायेगी ।
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