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शुक्रवार, 24 जुलाई 2020

अमित शाह जैसे तड़ीपार रहे लोग और चाय बेच चुके प्रधानमंत्री देश के लोगों को कैसे मूर्ख बनाते हैं आइये समझते हैं

विश्वपति वर्मा(सौरभ)
भारत जैसे देश में अमित शाह जैसे तड़ीपार रहे लोग और चाय बेच चुके प्रधानमंत्री देश के लोगों को कैसे मूर्ख बनाते हैं आइये समझते हैं।

भारत एक बहुत बड़ा जनसंख्या वाला देश है जहां की वर्तमान जनसंख्या 1अरब 38करोड़ 8लाख 95हजार 952 है।

 यहाँ प्रतिदिन औसत 49481 बच्चे जन्म लेते हैं और इन्ही बच्चों में कुपोषण और शरीर के विकसित न होने की वजह से प्रतिदिन औसत 3671 बच्चों की मौत हो जाती है।

देश मे प्रतिदिन औसत 288 गर्भवती महिलाओं की मौत खून की कमी ,कुपोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं के न मिलने की वजह से हो जाती है।

इस देश में जितनी भारी जनसंख्या है उतनी भारी समस्याएं भी हैं लेकिन समस्या को खत्म करने के लिए पूर्ववर्ती सरकार में शुरू की गई योजना आज भी चलाई जा रही है लेकिन धरातल पर सब शून्य है।

पूर्ववर्ती सरकार में देश भर में 5 हजार से ऊपर के समस्त ग्राम पंचायतों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया था जिसमे गर्भवती महिलाओं की जांच , दवा ,टीका  आदि व्यवस्था होनी चाहिए थी हालांकि उसी सरकार में ही यह योजना फेल रही लेकिन मौजूदा सरकार में यह योजना पूरी तरह से फेल हो गई।
पूरे प्रदेश का आंकड़ा तो हम नही जुटा पाए लेकिन बस्ती जनपद के अमरौली शुमाली ग्राम पंचायत में समाजवादी पार्टी की सरकार में 30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का शिलान्यास हुआ था लेकिन योगी और मोदी की सरकार में 7 साल बाद भी अस्पताल में ओपीडी की शुरुआत नही हो पाई।

मुद्दे पर आते हैं

आप सोचिये जिस देश मे 45 हजार बच्चे प्रतिदिन पैदा हो रहे हैं उस देश मे इंसानों की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कितनी बड़ी -बड़ी संसाधनों की आवश्यकता है ?

जाहिर सी बात है कि इस देश मे स्वास्थ्य सेवाओं को सही करने के लिए एक बहुत बडे आधारिक संरचना की जरूरत है लेकिन देश की सरकारों द्वारा इस बात पर ध्यान देने की बजाय  धर्म कर्म के नाम पर देश के लोगों को उलझाया जा रहा है ।

इस देश में धार्मिक रूप से सभी धर्मों के लोगों को स्वतंत्रता मिली हुई है जिसका जो भी मन करे वह करे लेकिन इस देश की सरकारों द्वारा  हज सब्सिडी , मुल्ला मौलबी को तनख्वाह और मंदिरों को दान देकर देश के खजाने को लुटाया जा रहा है जो देश के आम आदमी के लिए ठीक बिल्कुल भी नही है।

यह पैसा किसी सरकार और मंत्री का नही है यह पैसा देश के 138 करोड़ भारतीयों का है इसलिए प्राथमिकता के तौर पर काम करते हुए इस देश की सरकारों को आम जनता के लिए काम करना चाहिए जिसमें शिक्षा ,चिकित्सा ,भोजन ,पानी की प्रमाणिक आवश्यकता को पूरा किया जाना अति आवश्यक है।

ऐसा न करने से ऐसा प्रतीत होता है कि गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार का हवाला देकर ,विकास के बड़े बड़े खोखले दावे को लाकर प्रधानमंत्री मोदी ने देश के लोगों को केवल मूर्ख बनाने का काम किया है। जिसमे गुजरात के तड़ीपार रहे अमित शाह का बहुत बड़ा हाथ दिखाई देता है।

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