रुधौली पुलिस पर मुकदमा दर्ज करने में मनमानी का आरोप, पीड़ित को थाने से खदेड़ा - तहक़ीकात समाचार

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शुक्रवार, 28 जून 2019

रुधौली पुलिस पर मुकदमा दर्ज करने में मनमानी का आरोप, पीड़ित को थाने से खदेड़ा

रुधौली थाना क्षेत्र के मधवापुर निवासी मनोज कुमार ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंप कर स्थानीय पुलिस पर मुकदमा दर्ज करने में मनमानी करने का अरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि रुधौली पुलिस ने न्यायालय के आदेश को दरकिनार करते हुए विपक्षियों के साठ-गांठ पर हमारे हमारे तीन भाइयों समेत 4 लोगों पर 6 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 2 को जिला जेल भेज दिया गया और दो और लोगों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने फर्जी तरीके से मुकदमा पंजीकृत कर दिया।वंही हमारे तरफ से दिये गए तहरीर में पुलिस ने अभी तक कोई कार्यवाई नही की।
                   प्रतीकात्मक तस्वीर
दरअसल यह मामला जमीन से जुड़ा हुआ है जिसपर पीड़ित के पिता कांशीराम अपने पड़ोसी रामसूरत पर अवैध तरीके से जमीन कब्जा करने के मामले को लेकर न्यायालय की शरण मे चले गए जंहा पर वर्ष 2017 में न्यायालय द्वारा पीड़ित के पक्ष में डिगरी हुआ और विपक्षी को भी आदेश दिया गया कि उक्त जमीन का बिना पैमाइश कराए वह किसी प्रकार का निर्माण नही करेंगे, लेकिन आदेशों को दरकिनार कर विपक्षी द्वारा कई बार जमीन पर निर्माण करने की कोशिश की गई। न्यायालय के आदेश के बाद भी उक्त जमीन पर बिना पैमाइश कराए बिना विपक्षी द्वारा 18 जून को निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया निर्माण कार्य को स्थगित करने को लेकर पीड़ित ने पुलिस को सूचना दिया तो पुलिस ने यह कह कर मना कर दिया कि यह मामला राजस्व का है इसमें हम कुछ नही कर सकते जबकि पीड़ित द्वारा न्यायालय के आदेश का हवाला देकर उक्त जमीन पर निर्माण कार्य को रोकने की बात कही गई लेकिन पुलिस ने सब कुछ दरकिनार कर दिया .पुलिस का सहयोग न मिलने पर ये लोग निर्माण कार्य रोकने के लिए खुद पंहुचे जंहा दोनों पक्षों में मारपीट हो गया और मामला फिर थाने तक पंहुच गया .जंहा कांशीराम द्वारा थाने पर मारपीट की तहरीर दी गई उसके बाद रामसूरत के तरफ से तहरीर पाकर पुलिस मौके पर पंहुच गई और कांशीराम के दो लड़के को पुलिस थाने उठा ले गई।

अब शुरू हुआ पैंसे का खेल

काशीराम ने बताया कि पुलिस ने दो लड़के वीरेंद्र कुमार और सुरेंद्र  कुमार को लॉकअप में डाल दिया उसके बाद यह कहकर 40 हजार रुपये की मांग किया जाने लगा कि तुम लोगों के साथ तुम्हारे 2 और भाइयों मनोज कुमार और बिनोद कुमार पर मारपीट करने का एफआईआर दर्ज हुआ है यदि पैंसा देते हो तो  मामूली विवाद दिखा कर मामले को सुलह करा दिया जाएगा .पैंसे देने में असमर्थता जाहिर करने के बाद रुधौली पुलिस ने दोनों के ऊपर 6 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।

पुलिस का एकपक्षीय कार्यवाई

कांशीराम ने बताया कि पुलिस द्वारा ही मेडिकल जांच कराई गई कि दोनों पक्षों के 1-1 लोगों को चोट आई है उसके बाद पुलिस द्वारा केवल हमारे चार लड़कों के ऊपर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया वंही हमारे तरफ से पुलिस को दिए गए तहरीर में किसी प्रकार की कोई कार्यवाई अभी तक नही की गई बल्कि पुलिस ने थाने से यह कहकर फिर से खदेड़ दिया कि इसमें तुम्हारी कोई मदद नही हो सकती है।

निर्माण कार्य शुरू

इधर पुलिस ने एक पक्ष के चार लोगों पर मुकदमा दर्ज करके दो को जेल भेज दिया वंही दूसरे पक्ष के लोगों को वरीयता देने का आरोप कांशीराम द्वारा लगाया गया ,उन्होंने बताया कि जब घर के लोग परेशान थे तो उक्त जमीन पर निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया गया जिसकी सूचना पुलिस को फिर से दी गई तब फिर पुलिस ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के बिना हम निर्माण कार्य पर रोक नही लगा सकते।

SDM के आदेश के बाद रुधौली पुलिस ने कहा गाली देकर न खदेड़ना पड़े उसके पहले थाने से बाहर चले जाओ।

कांशीराम ने तहकीकात समाचार प्रतिनिधि को बताया कि जमीन पर निर्माण कार्य स्थगित करवाने के लिए हम उपजिलाधिकारी रुधौली का आदेश लेकर फिर से थाने पंहुचे और जब SHO को उस आदेश की कांपी को दिखाया तो उनके द्वारा हमे लज्जित किया गया और यह कहा गया कि गाली देकर न खदेड़ना पड़े उसके पहले तत्काल थाने से बाहर चले जाओ।

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