प्रशासन की बेशर्मी-बेरोजगारी और भूख के नाते हुई मौत के बदले मृतक परिवार को 25 किलो राशन

देश में जारी कोरोना संकट के कारण कई लोगों का रोजगार छिन गया है. हजारों की कमाई करने वाले आज भूखे मरने को मजबूर हैं. इसी कड़ी में आर्थिक तंगी के शिकार एक ऑटो ड्राइवर ने बिहार की राजधानी पटना में खुदकुशी कर ली. 

शहर के बाहरी इलाके शाहपुर में रहने वाले ऑटो ड्राइवर के परिवार वालों ने बताया कि, 'उसने अपने ऑटो को चलाकर पैसे जुटाने के लिए संघर्ष किया, लेकिन वह विफल रहा. इसके अलावा वह दिहाड़ी का काम ढूंढने में भी असमर्थ रहा. उन्होंने बताया कि उसने लोन लेकर ऑटो खरीदा था और लॉकडाउन के कारण बीते तीन महीनों से उसकी किस्त चुकाना भी मुश्किल हो गया था. 

जब मीडिया ने उनके पिता से मुलाकात की और उनसे उन कठिनाइयों के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि लाख कोशिशों के बावजूद आज तक हम लोगों का राशन कार्ड भी नहीं बना. 

हालांकि ऑटो ड्राइवर की खुदकुशी की खबर अधिकारियों तक पहुंचने के बाद पटना जिला मजिस्ट्रेट कुमार रवि 25 किलो चावल और गेहूं के साथ आज पीड़ित परिवार के घर पहुंचे. मृतक ने अपने पीछे तीन बच्चों को छोड़ा है.

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