बस्ती- महंगे मैरिज हॉल से मिलेगी राहत दुष्यंत विक्रम सिंह की दूरदर्शिता से सल्टौआ ब्लॉक को मिली नई पहचान
सौरभ वीपी वर्मा
तहकीकात समाचार
बस्ती- ग्रामीण इलाकों में शादी-विवाह जैसे सामाजिक आयोजनों का मतलब अक्सर भारी खर्च और कर्ज का दबाव होता है। निजी मैरिज हॉल की ऊंची कीमतें आम परिवारों के सपनों पर बोझ बन जाती हैं। लेकिन अब सल्टौआ विकास खंड से एक ऐसी पहल सामने आई है, जो इस तस्वीर को बदलने की तैयारी में है।
ब्लॉक परिसर में बन रहा मल्टीपरपज भवन अब अंतिम चरण में है और जल्द ही यह आम जनता के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आएगा। इस परियोजना के पीछे ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि दुष्यंत विक्रम सिंह की दूरदर्शी सोच और जनहित की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।
दरअसल, शासन की मंशा भी यही रहती है कि पंचायतें चाहे ग्राम पंचायत हों, क्षेत्र पंचायत हों या नगर पंचायत अपनी आय के स्रोत विकसित करें। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि दुष्यंत विक्रम सिंह ने यह पहल की है। इस भवन से होने वाली आय क्षेत्र पंचायत निधि में जमा की जाएगी, जिससे विकास कार्यों को और गति मिल सकेगी।
दुष्यंत विक्रम सिंह ने तहकीकात समाचार से बातचीत में कहा कि हमने हमेशा यह महसूस किया कि एक साधारण परिवार के लिए बेटी की शादी या कोई भी बड़ा कार्यक्रम करना आर्थिक चुनौती बन जाता है। निजी मैरिज हॉल के नाम पर लोगों से 50 हजार से लेकर लाखों रुपये तक वसूले जाते हैं। हमारा प्रयास है कि वही सुविधाएं ब्लॉक स्तर पर बेहद कम शुल्क में उपलब्ध कराई जाएं, ताकि आम आदमी सम्मान के साथ अपने कार्यक्रम कर सके। उन्होंने आगे कहा यह भवन सिर्फ एक हॉल नहीं, बल्कि जनता के लिए एक समर्पित सुविधा केंद्र होगा। यहां सैकड़ों गाड़ियों की पार्किंग की व्यवस्था है, विशाल बैठने की जगह है और स्वच्छ पेयजल सहित सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। हम चाहते हैं कि यह भवन हर वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी साबित हो।
उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि लोगों को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुलभ स्थान मिले, जहां वे बिना किसी परेशानी के अपने सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रम सम्पन्न कर सकें।
वहीं खंड विकास अधिकारी अनिल कुमार यादव ने निर्माण कार्य की प्रगति पर जानकारी देते हुए कहा कि मल्टीपरपज भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। गुणवत्ता और मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है। भवन के पूर्ण होते ही निर्धारित नियमों और शुल्क के अनुसार आम जनता को कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी जाएगी।
स्थानीय लोगों में इस पहल को लेकर उत्साह साफ देखा जा सकता है। माना जा रहा है कि यह मल्टीपरपज भवन न केवल आर्थिक रूप से लोगों को राहत देगा, बल्कि सल्टौआ ब्लॉक को एक नई पहचान भी दिलाएगा।
अब देखना होगा कि यह पहल आने वाले समय में ग्रामीण विकास के मॉडल के रूप में कितनी बड़ी मिसाल बनती है।