दिल्ली की हिंसा में 13 लोगों की मौत, आधा दर्जन से अधिक पत्रकारों को भी पीटा - तहक़ीकात समाचार

ब्रेकिंग न्यूज़

Post Top Ad

Responsive Ads Here

बुधवार, 26 फ़रवरी 2020

दिल्ली की हिंसा में 13 लोगों की मौत, आधा दर्जन से अधिक पत्रकारों को भी पीटा

दिल्ली: उत्तर पूर्वी दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जारी हिंसा के बीच उपद्रवी भीड़ ने रिपोर्टिंग करने गए एनडीटीवी के तीन रिपोर्टरों और एक कैमरापर्सन पर हमला कर दिया. इसके अलावा मौजपुर में एक टीवी चैनल के पत्रकार को भी गोली लगी है.एनडीटीवी के मुताबिक उनके पत्रकार वहां अपना काम कर रहे थे और उस समय वहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई पुलिसवाला मौजूद नहीं था. पत्रकार अरविंद गुणशेखर को एक भीड़ ने घेर लिया और उनके चेहरे पर मारा.चैनल के मुताबिक अरविंद का एक दांत टूट गया, उनके सिर पर एक लाठी पड़ने वाली थी कि तभी एनडीटीवी के ही सहयोगी सौरभ शुक्ला ने उन्हें बचाया. वो लाठी सौरभ शुक्ला को लगी. उनके पीठ पर घूंसे भी मारे गए. किसी तरह वे दोनों वहां से बचकर निकलने में कामयाब रहे.

एनडीटीवी की रिपोर्टर मरियम अलवी को भी एक अन्य जगह भीड़ ने पीठ पर मारा. वहां वो पत्रकार श्रीनिवासन जैन के साथ रिपोर्ट कर रही थी. उनके साथ के कैमरापर्सन सुशील राठी भी घायल हुए


इसके अलावा जेके 24*7 न्यूज के संवाददाता आकाशा नापा को कवरेज के दौरान गोली लगी है.जनसत्ता के मुताबिक आकाश को दंगा प्रभावित इलाका मौजपुर में करवेज करने के दौरान गोली लगी. घायल पत्रकार को गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.इसके अलावा कई अन्य चैनलों के पत्रकारों को भी धमकाने की खबरें लगातार आ रही हैं.बीते रविवार से ही उत्तर पूर्वी दिल्ली के इलाकों में नागिरकता संशोधन कानून को लेकर दो गुटों के बीच झड़प जारी है. रविवार को स्थिति काफी गंभीर हो गई और दोनों पक्षों के उपद्रवियों ने भीषण हिंसा की, कई दुकानों और गाड़ियों को आग लगाया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है.हिंसा में अब तक एक पुलिसकर्मी समेत 13 लोगों की जान जा चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं. हिंसा को देखते हुए कई इलाकों में धारा 144 लगा दी गई है. खासकर मौजपुर, कर्दमपुरी, चांद बाग, दयालपुर जैसे इलाकों में ज्यादा निगरानी की जा रही है.

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

tahkikatsamachar

Post Bottom Ad

Responsive Ads Here

Pages