चौकीदार हैं कि बोलते नही - तहक़ीकात समाचार

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मंगलवार, 24 दिसंबर 2019

चौकीदार हैं कि बोलते नही

गरीबी

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 64 करोड़ लोग (55.1 प्रतिशत) गरीब हैं ,वहीं एक और रिपोर्ट में बताया गया है भारत मे गरीबों की संख्या घटकर 36.9 करोड़ (27.9 प्रतिशत) पर आ गयी.फिलहाल भारत में गरीबी बड़े पैमाने पर है ।

लेकिन चौकीदार हैं कि बोलते नही



बेरोजगारी
नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस (एनएसएसओ) की जनवरी में लीक हुई रिपोर्ट के अनुसार देश में 2017-18 में बेरोजगारी दर 6.1% रही। यह 45 साल में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 1972-73 में बेरोजगारी दर का यही आंकड़ा था। 6.1% का आंकड़ा में भी बताया गया था। 

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भ्रष्टाचार
एशिया महाद्वीप में भ्रष्टाचार के मामले में भारत प्रथम स्थान पर है. एक सर्वे में पाया गया है कि भारत में रिश्वतखोरी की दर 69 प्रतिशत है.  फोर्ब्स द्वारा किए गए 18 महीने लंबे सर्वे में भारत को टॉप 5 देशों में पहला स्थान दिया गया है. फोर्ब्स ने यह सर्वे मार्च, 2017 में प्रकाशित किया था.

लेकिन चौकीदार हैं कि बोलते नही


कुपोषण
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि भारत में हर साल कुपोषण के कारण मरने वाले पांच साल से कम उम्र वाले बच्चों की संख्या दस लाख से भी ज्यादा है. दक्षिण एशिया में भारत कुपोषण के मामले में सबसे बुरी हालत में है. 

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महिलाओं मे खून की कमी
वैश्विक पोषण रिपोर्ट के अनुसार भारत कुपोषण की गंभीर समस्या से ग्रस्त हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि हमारे देश में जो महिलाएं कम उम्र में मां बनती हैं उनमें से लगभग आधी महिलाएं खून की कमी से पीड़ित हैं. भारत मे लगभग 46 फीसदी महिलाएं के अंदर खून की कमी है।


लेकिन चौकीदार हैं कि बोलते नही

यानी कि सबकी चौकीदारी केवल अपने घर की रखवाली करने का है इस देश की जनता का नही।

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