जातिसूचक शब्दों के तानों से परेशान डॉक्टर पायल ने की थी आत्महत्या - तहक़ीकात समाचार

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सोमवार, 27 मई 2019

जातिसूचक शब्दों के तानों से परेशान डॉक्टर पायल ने की थी आत्महत्या

मुंबई: महारष्ट्र के नायर अस्पताल में पढ़ने वाली 23 वर्षीय डॉक्टर पायल तड़वी की आत्महत्या का मामला तूल पकड़ गया है. देश के कई नेताओं और फिल्मी हस्तियों ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. दलित नेता और गुजरात के वडगाम से विधायक जिग्नेश मेवानी और सीपीआई नेता कन्हैया कुमार ने हैशटैग #JusticeForDrPayal के साथ ट्विटर पर इस मामले की कड़ी निंदा की है.

कन्हैया कुमार ने ट्विटर पर लिखा है कि जातिवाद ने पायल जैसी प्रतिभाशाली डॉक्टर की जान ले ली. दोषियों को सज़ा दिलाने की मांग करने के साथ जातिगत भेदभाव के तमाम मामलों में न्याय दिलाने के लिए पूरे देश के स्तर पर आंदोलन करने की ज़रूरत है. रोहित वेमुला के मामले में भी अभी तक दोषियों को सज़ा नहीं मिली है.


मृतक डॉ पायल की मां का आरोप है कि पायल के सीनियर्स उसपर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते थे और हास्टल में उसे प्रताड़ित करते थे. पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज तो कर लिया है, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. महाराष्ट्र एसोसियेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर (मार्ड) ने आरोपी तीनों सीनियर डॉक्टर की सदस्यता को रद्द कर दिया है.

आपको बता दें कि पायल तड़वी महाराष्ट्र के जलगांव की रहने वाली थी और महाराष्ट्र के बीवाईएल नायर अस्पताल में पीजी की पढ़ाई कर रही थी. उसने आरक्षण कोटे के तहत 1 मई 2018 को नायर कॉलेज में दाखिला मिला था. बीती 22 मई को पायल ने हॉस्टल में खुदकुशी कर ली. पायल आदिवासी जाति से थी और उसे आरक्षण के चलते उसे कॉलेज में दाखिला मिला था.

आरोप है कि इस बात से नाराज पायल की तीनों सीनियर डॉक्टर डॉ हेमा आहुजा, डॉ भक्ती अहिरे और डॉ. अंकिता खंडेलवाल उसको टॉर्चर करती थीं. पायल की मां अबेदा तड़वी का कहना है कि पायल की तीन सीनियर डॉक्टर आदिवासी होने कारण उसकी रैगिंग करते थे और जाति को लेकर अपशब्द कहते थे.

इस मामले के बाद महारष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर (मार्ड) ने तत्काल एक्शन एक्शन लिया है. मार्ड ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी तीनों डॉक्टर की सदस्यता रद्द कर दी है. पायल की मां आबेदा तड़वी का कहना है कि वह न्याय के लिए लड़ेंगी चाहे जो भी हो.

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