बस्ती -साढ़े तीन लाख की आबादी पर महज सात डॉक्टर , कैसे होगा मरीजों का इलाज

सौरभ वीपी वर्मा

बस्ती- स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में संसाधनों और डॉक्टरों की कमी की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा आज भी नही मिल पा रही है जिसका परिणाम है कि क्षेत्र में सैकड़ो लोगों की छोटी छोटी बीमारियां गंभीर बीमारी का रूप ले लेती है और इंसान का असामयिक मृत्यु हो जाता है ।
बस्ती जनपद के भानपुर तहसील क्षेत्र में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानपुर की स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं की समीक्षा की गई तो पता चला कि आजादी के 7 दशक बीत जाने के बाद भी आज तक ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में न तो संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित हो पाई है और न ही डॉक्टरों की पूर्ति ।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भानपुर में नगर पंचायत क्षेत्र के साथ साथ सैकड़ों गांव के लोग इलाज की उम्मीद रखकर आते हैं लेकिन अस्पताल में दवा , एक्सरे एवं अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाओं का अकाल है जिसके चलते मरीजों को एक्सरे अल्ट्रासाउंड जैसी जांच जहां बाहर करवाना पड़ता है वहीं बाहर का दवा लेने के लिए भी लोगों को मजबूर होना पड़ता है ।
अस्पताल में डॉक्टरों की बात करें तो इतने बड़े क्षेत्र वाले अस्पताल में वैसे तो पांच एमबीबीएस और आयुष के दो डॉक्टर हैं लेकिन अस्पताल में महज दो डॉक्टरों की तैनाती है । पांच अन्य डॉक्टर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या अन्य केंद्रों पर सेवा देते हैं । जिसकी वजह से अस्पताल पर आने वाले मरीजों को न तो समय से इलाज मिल पाता है और न ही सही परामर्श ।
हमारी समीक्षा में हमे पता चला है कि क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों की स्थिति बदहाल है ,जहां पर मेडिकल स्टाफ , दवाएं , जांच मशीन और अन्य संसाधनों का अभाव है जिसकी वजह से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को समुचित इलाज नही मिल पा रहा है जिसकी वजह से या तो उन्हें प्राइवेट अस्पतालों की तरफ भागना पड़ रहा है या तो इलाज के अभाव में जीवन यापन करना पड़ रहा है । इस लिए शासन प्रशासन को अस्पताल की बुनियादी ढांचा को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने के लिए शीघ्र ही प्रयास करना चाहिए
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